Farmers in Dilman Chhapra of Kotwa welcomed the New Year by planting trees.
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| Farmers in Dilman Chhapra of Kotwa welcomed the New Year by planting trees. |
पूर्वी चंपारण (कोटवा), 1 जनवरी 2026: जहां देशभर में लोग नए साल की शुरुआत पिकनिक, पार्टी और पर्यटन स्थलों पर जश्न मनाकर करते हैं, वहीं पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा प्रखंड स्थित दिलमन छपरा गांव के सैकड़ों प्रगतिशील किसानों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेकर वृक्षारोपण कार्यक्रम से नववर्ष 2026 की शुरुआत की। यह अनोखा आयोजन मोतिहारी वन प्रमंडल के सौजन्य से नेत्रिका फाउंडेशन तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि समिति द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना था। 'पर्यावरण की पाठशाला' नामक इस विशेष सत्र में लगभग दो सौ किसानों ने भाग लिया। इस दौरान फलदार और छायादार पेड़ों के करीब 200 पौधे रोपे गए तथा प्रगतिशील किसानों के बीच वितरित किए गए। वितरित पौधों में आम, नींबू, बोतल ब्रश, कटहल, आंवला, महोगनी, अमरूद और सागवान जैसी उपयोगी प्रजातियां शामिल थीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के प्राध्यापक डॉ. अमित रंजन ने पर्यावरण की नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि मिट्टी का क्षरण रोकते हैं और जैव विविधता को बनाए रखते हैं।
नेत्रिका फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए किया कि हवा और पानी की शुद्धता के लिए पेड़ लगाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता जताई कि रोजाना पेड़ों की कटाई से प्रकृति में असंतुलन पैदा हो रहा है, जिसके कारण असमय बारिश और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं तथा फसलें बर्बाद हो रही हैं।
पर्यावरण प्रेमी विनय कुमार ने जीवन में पेड़ों की उपयोगिता पर जोर देते हुए किसानों से अपील की कि वे अपनी अगली पीढ़ी और बच्चों के लिए कम से कम एक-एक पेड़ अवश्य लगाएं। उन्होंने कहा कि यह छोटा कदम जलवायु परिवर्तन के खिलाफ बड़ी लड़ाई का हिस्सा बनेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान उपस्थित थे, जिनमें पर्यावरण प्रेमी विनय कुमार, किसान बबन सिंह, विपिन बिहारी सिंह, सुरेश सिंह, नवल किशोर सिंह, प्रसिद्ध नारायण सिंह, कृष्णा सिंह, चंदन कुमार महतो, संजय सिंह, यदोलाल पासवान, शंभू सिंह, लोकप्रिय राजेश, अशोक सिंह, छबीला सिंह, गुड्डू सिंह, संतोष कुमार और रणजीत सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन कुमार ओंकार उर्फ शानू ने कुशलतापूर्वक किया।
यह आयोजन न केवल नववर्ष का स्वागत करने का एक अनूठा तरीका था, बल्कि ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण जागरूकता की एक मिसाल भी पेश करता है। ने संकल्प लिया कि वे अपने खेतों और गांव में अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देंगे।
