चंपारण सत्याग्रह महोत्सव 2026: बच्चों की सृजनात्मकता और स्वतंत्रता सेनानियों का भावपूर्ण सम्मान

 Champaran Satyagraha Festival 2026: Children's creativity and a heartfelt tribute to freedom fighters. 

Champaran Satyagraha Festival 2026: Children's creativity and a heartfelt tribute to freedom fighters.

लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चम्पारण कोटवा : चम्पारण सत्याग्रह महोत्सव 2026 के अंतर्गत गुरुवार को कोटवा के जसौली पट्टी में विविध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और स्मृति कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया गया तथा जिले के स्वतंत्रता सेनानियों और जेपी आंदोलन से जुड़े वीरों के योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।



दिन के सत्र में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से महात्मा गांधी के विचारों, चंपारण सत्याग्रह की ऐतिहासिक घटनाओं, राष्ट्रभक्ति और अहिंसा के संदेश को बेहद सजीव और प्रभावशाली तरीके से चित्रित किया। उनकी इन रचनाओं ने उपस्थित दर्शकों और आयोजकों को काफी प्रभावित किया। कई चित्रों में गांधीजी की चंपारण यात्रा, नील किसानों के संघर्ष और सत्याग्रह की भावना को खूबसूरती से दर्शाया गया था।



भाषा एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने लोकनृत्य, गीत-संगीत तथा नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों में बिहारी लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी, जिसने पूरे माहौल को उत्सवमय और आनंदपूर्ण बना दिया। दर्शक इन कलाकारों के प्रदर्शन पर मुरीद हो गए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन करते रहे।

कार्यक्रम के सबसे भावुक करने वाले पल तब आए जब जिले के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों और जेपी आंदोलन से जुड़े सेनानियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने उनके देशभक्तिपूर्ण योगदान को याद करते हुए उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इन वीरों और उनके परिवारजनों का अभिनंदन किया। इस मौके पर बीडीओ चिरंजीवी पाण्डेय ने कहा,  

स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान हमारे लिए गौरव की बात है। उनकी कुर्बानी ने ही आज हमें आजादी दिलाई है। नई पीढ़ी को इनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।”

शाम के सत्र में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय तथा राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध कवियों ने भाग लिया। कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकारों, युवाओं की जिम्मेदारियों और समकालीन मुद्दों पर अपनी ओजस्वी, हास्यपूर्ण तथा व्यंग्यात्मक कविताओं का पाठ किया। कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया और कई बार तालियों की गूंज से पूरा सभागार गूंज उठा।

इस पूरे कार्यक्रम ने एक ओर बच्चों की सृजनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा को निखारा, वहीं दूसरी ओर स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य योगदान को स्मरण कर नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और त्याग की प्रेरणा दी। चंपारण सत्याग्रह महोत्सव के माध्यम से गांधीजी के सिद्धांतों और चंपारण के ऐतिहासिक महत्व को जीवंत रखने का प्रयास सराहनीय है।

यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध था, बल्कि भावी पीढ़ी को अपने इतिहास और गौरवशाली विरासत से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।

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