कोटवा में शराबबंदी के तहत कार्रवाई: ऑटो से 67.5 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

 Action under prohibition in Kotwa: 67.5 liters of foreign liquor recovered from auto, two smugglers arrested. 

Action under prohibition in Kotwa: 67.5 liters of foreign liquor recovered from auto, two smugglers arrested 

लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चम्पारण कोटवा 

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। (वजह है, डिमांड एंड सप्लाई) ताजा मामला कोटवा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, कोटवा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ऑटो रिक्शा (संख्या BR05PB5206) के जरिए शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने वाहन की घेराबंदी कर जांच शुरू की। जांच के दौरान ऑटो में सवार दो युवकों को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दुलारे नसीर (27 वर्ष), पिता–अनवर अंसारी, निवासी–जलवा टोला, थाना–डुमरियाघाट तथा शकील आलम (22 वर्ष), पिता–अब्दुल मियां, निवासी–चैलनहन, थाना–बंजरिया के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान पुलिस को एक ट्रैवलिंग ट्रॉली बैग मिला, जिसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी। बरामद शराब में

Royal Stag 750 ml की 81 बोतल

100 Pipers 750 ml की 9 बोतल

शामिल हैं। कुल मिलाकर 67.5 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है।

पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और किस नेटवर्क के जरिए सप्लाई की जा रही थी।

बिहार में लागू शराबबंदी कानून का उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाना और परिवारों को सुरक्षित वातावरण देना है। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं, लेकिन इसके समानांतर एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय रहा है। और पुलिस को तस्करों का पलटवार भी झेलना पड़ा है। 

आर्थिक लालच और जल्दी मुनाफा कमाने की मानसिकता कुछ लोगों को इस प्रतिबंधित धंधे की ओर आकर्षित कर रही है। खासकर युवा वर्ग का इसमें शामिल होना चिंता का विषय है। यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है, लेकिन जब तक आम जनता का सहयोग और जागरूकता नहीं बढ़ेगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह लगाम लगाना मुश्किल बना रहेगा। 

एक टिप्पणी भेजें

ये पोस्ट आपको कैसा लगा जरूर बताए।✒️✒️✒️

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म