ATM card exchange fraudster arrested with 34 cards in Areraj.
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| ATM card exchange fraudster arrested with 34 cards in Areraj |
लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चंपारण अरेराज थाना क्षेत्र में एक बड़ी ATM ठगी की कोशिश पुलिस ने नाकाम किया है। हरदिया चौक स्थित एक ATM बूथ में बहला-फुसलाकर कार्ड एक्सचेंज करने की कोशिश करते हुए रमेश महतो नामक व्यक्ति को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से अलग-अलग बैंकों के कुल 34 ATM कार्ड बरामद किए हैं।
रमेश महतो, पिता सुकाई महतो, निवासी मठीया बरियारपुर, थाना पिपराकोठी, जिला पूर्वी चंपारण को हरदिया चौक के ATM में सक्रिय रूप से ठगी करते पकड़ा लिया। पुलिस सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
यह ठगी का आम तरीका है — आरोपी पीड़ित को किसी बहाने से ATM कार्ड सौंपने को कहता है (जैसे “मेरा कार्ड अटक गया है, आपका कार्ड चेक करके देखूं” या “ट्रांजेक्शन में समस्या है”), फिर चालाकी से अपना या फर्जी कार्ड वापस थमा देता है। पीड़ित को पता भी नहीं चलता कि उसका असली कार्ड बदला गया है, और आरोपी बाद में PIN या अन्य तरीकों से पैसे निकाल लेता है।
अरेराज पुलिस ने मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी है। बरामद 34 कार्ड विभिन्न बैंकों के हैं, जो बताता है कि यह एक संगठित तरीके की ठगी हो सकती है। पुलिस अब इन कार्डों के मालिकों की पहचान, पिछले ट्रांजेक्शन और संभावित गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
पूर्वी चम्पारण सहित आसपास के क्षेत्रों में ATM कार्ड स्वैप (exchange/swap) ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। आरोपी आमतौर पर भीड़भाड़ वाले या कम निगरानी वाले ATM बूथ को निशाना बनाते हैं। यह तरीका सरल लेकिन प्रभावी है, क्योंकि पीड़ित को तुरंत शक नहीं होता।
कई लोग अभी भी अनजान लोगों के साथ ATM में कार्ड शेयर करते हैं या मदद के नाम पर कार्ड सौंप देते हैं। पुलिस और बैंक बार-बार चेतावनी देते हैं — कभी भी अपना ATM कार्ड किसी को न दें, PIN किसी को न बताएं।
इस मामले में अरेराज थाना की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। ऐसे मामलों में CCTV फुटेज, ट्रांजेक्शन डिटेल्स और आरोपी के फोन/संपर्कों की जांच से अक्सर पूरा नेटवर्क सामने आ जाता है।
34 कार्ड बरामद होना बड़े स्केल का संकेत है। यह अकेला आरोपी नहीं बल्कि गिरोह का हिस्सा है, तो आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
- ATM में हमेशा अकेले ट्रांजेक्शन करें।
- किसी भी बहाने से कार्ड या PIN शेयर न करें।
- संदिग्ध गतिविधि देखते ही तुरंत 112 या थाना में सूचना दें।
- नियमित रूप से बैंक अकाउंट और ट्रांजेक्शन चेक करें।
पुलिस की आगे की जांच से मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। ऐसे मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
