In Kotwa, action was taken under the prohibition of liquor, English liquor hidden in the bushes on the canal bank was recovered, the smuggler absconded.
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लोकल पब्लिक न्यूज़/ पूर्वी चम्पारण |बिहार
कोटवा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर थाना क्षेत्र के जसौली पट्टी इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने नहर किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखी गई कुल 129.600 लीटर अंग्रेजी शराब जब्द की है। हालांकि पुलिस की भनक लगते ही शराब तस्कर मौके से फरार हो गए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि जसौली पट्टी के नहर किनारे झाड़ियों में शराब की खेप छिपाकर रखी गई है, जिसे रात के समय दूसरे स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी थी। सूचना मिलते ही कोटवा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की। तलाशी के दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखे गए कार्टनों से अंग्रेजी शराब बरामद की गई।
थानाध्यक्ष ने बताया है की मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि शराब तस्करों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब तस्करी लगातार सामने आ रही हैं। सीमावर्ती इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब की सप्लाई करने में लगे हुए हैं। कहीं खेतों में, कहीं झाड़ियों में तो कहीं वाहनों में गुप्त तह बनाकर शराब पहुंचाई जा रही है।
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती “डिमांड और सप्लाई” का नेटवर्क है। जब तक मांग बनी रहेगी, तब तक कारोबार करने वाले लोग जोखिम उठाकर सप्लाई का रास्ता खोजते रहेंगे। यही कारण है कि पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्करी पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं।
एक तरफ पुलिस को कानून लागू कर शराब की तस्करी रोकनी है, वहीं दूसरी ओर तस्करों का संगठित नेटवर्क लगातार नई रणनीति अपनाता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण इलाकों में सुनसान जगहों का उपयोग कर शराब छिपाना और छोटे-छोटे नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई करना पुलिस के लिए और भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
अगर गौर किया जाए तो पुलिस और तस्करों के बीच कुछ वर्षों से लगातार एक तरह का जंग ही चल रहा है। अभी तक जितने की दिशा तय नहीं हो सका है।
