Kotwa Sahayog camp receives maximum complaints on land and revenue matters, 46 out of 50 applications processed.
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| Kotwa Sahayog camp receives maximum complaints on land and revenue matters, 46 out of 50 applications processed |
लोकल पब्लिक न्यूज़ | कोटवा, पूर्वी चंपारण
पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर में भूमि एवं राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। शिविर में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, पैमाइश एवं अन्य राजस्व मामलों से जुड़े कुल 50 आवेदन प्राप्त हुए। प्रशासन के अनुसार इनमें से 46 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष 4 मामलों को लंबित रखते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार बड़हरवा कला पश्चिमी पंचायत से 9, बड़हरवा कला पूर्वी पंचायत से 17 तथा कोटवा पंचायत से 24 आवेदन प्राप्त हुए। तीनों पंचायतों को मिलाकर कुल 50 आवेदन दर्ज किए गए।
शिविर के दौरान कई फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। इनमें रणजीत सिंह नामक एक आवेदक ने बताया कि वह पिछले 28 महीनों से दाखिल-खारिज कराने के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका कार्य नहीं हो सका है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि विवादित भूमि से मिट्टी कटाई कर ली गई है तथा आने-जाने का रास्ता भी बंद कर दिया गया है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीएलआर ने शिकायत की तत्काल जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि कोटवा अंचल में दाखिल-खारिज मामलों की रिजेक्शन दर घटकर लगभग 15 प्रतिशत रह गई है, जो प्रशासनिक सुधार का संकेत है।
डीसीएलआर ने शिविर में पहुंचे लोगों को भरोसा दिलाया कि लंबित आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा तथा शिविर में प्राप्त सभी लंबित मामलों का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
सहयोग शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
