East Champaran: Two accused, including Sai Communications operator, arrested for getting land mutation done using fake DCLR order
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| East Champaran: Two accused, including Sai Communications operator, arrested for getting land mutation done using fake DCLR order |
| लोकल पब्लिक न्यूज़ | पूर्वी चम्पारण बिहार |
पूर्वी चंपारण पुलिस ने भूमि म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) सदर, मोतिहारी के नाम से फर्जी आदेश तैयार कर सरकारी पोर्टल पर अपलोड कराया और गलत व्यक्ति के नाम पर भूमि का म्यूटेशन करा दिया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 1 जून 2026 को सदर अंचल, मोतिहारी के एक राजस्व कर्मचारी ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र से संबंधित एक आवेदन दिया था। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि भवानीपुर जिरात निवासी एवं साई कम्युनिकेशन के संचालक दिनेश्वर प्रसाद वर्मा तथा अनिकेत कुमार ने डीसीएलआर सदर के फर्जी आदेश तैयार कर उस पर हस्ताक्षर और मुहर का प्रयोग किया तथा उसे अंचल कार्यालय में प्रस्तुत कर दाखिल-खारिज पोर्टल पर अपलोड करा दिया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पूर्व में भी इस प्रकार की फर्जी गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
1. दिनेश्वर प्रसाद वर्मा, निवासी भवानीपुर जिरात, थाना छतौनी, पूर्वी चंपारण।
2. अनिकेत कुमार, निवासी भवानीपुर जिरात, थाना छतौनी, पूर्वी चंपारण।
छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री
2 लैपटॉप
4 प्रिंटर
1 बायोमेट्रिक मशीन
2 QR कोड स्कैनर एवं पेमेंट स्कैनर स्टैंड
2 डीवीडी कैसेट
2 मोबाइल फोन
1 रिसीवर टेलीफोन
1 प्रोडॉट यूएसबी पोर्ट
साई कम्युनिकेशन की एक सील-मोहर
दिनेश्वर प्रसाद वर्मा के नाम की एक सील-मोहर
छापेमारी का नेतृत्व छतौनी थाना के थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पासवान ने किया। टीम में उमाशंकर मांझी, प्रीति पाल, राहुलदेव वर्मा, कुमारी पूजा सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कितने मामलों में फर्जी आदेशों के आधार पर भूमि म्यूटेशन कराया गया है।
